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Monday, May 16, 2022

मध्यप्रदेश: बैतूल: अंग्रेजों के जमाने के हथियार, FIR, वर्दी और इतिहास... 100 साल पुराने थाना भवन में बने पुलिस म्यूजियम में क्या है खास

मध्यप्रदेश: बैतूल: अंग्रेजों के जमाने के हथियार, FIR, वर्दी और इतिहास... 100 साल पुराने थाना भवन में बने पुलिस म्यूजियम में क्या है खास


मध्यप्रदेश के बैतूल में पुलिस ने 100 साल पुराने थाने को म्यूजियम बना दिया है। यह मध्य प्रदेश का पहला पुलिस म्यूजियम  है, जहां स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास देखने को मिलेगा। रविवार को इस म्यूजियम को शुरू किया गया है। अब लोग यहां आकर 100 साल पुराना इतिहास देख सकते हैं। साथ ही पुलिस को लेकर छोटी से बड़ी जानकारी इस म्यूजियम में मिलेगी। बैतूल के रानीपुर में 1913 में पुलिस थाने का भवन बना था। अब नई बिल्डिंग में थाना शिफ्ट कर दिया गया है और पुराने थाने को म्यूजियम में तब्दील कर दिया गया है।

यह 1895 में शाहपुर थाने की एक चौकी थी। थाने में प्रथम अपराध 1900 में धारा 380 का दर्ज हुआ था। 1900 में रानीपुर थाना पूर्ण रूप से अस्तित्व में आ चुका था। थाने का निर्माण ब्रिटिश शासनकाल के दौरान 1913 में हुआ था। यह थाना जंगल सत्याग्रह का भी साक्षी रहा है। सरदार विष्णु सिंह के नेतृत्व में 300 क्रांतिकारियों ने थाना रानीपुर पर हमला किया था। 2016 तक इसी भवन में थाना संचालित रहा।

पुलिस म्यूजियम में डीजी से लेकर आरक्षक तक की वर्दी में स्टेच्यू रखे गए हैं। इसके अलावा पुलिस विभाग में बजाए जाने वाले वाद्य यंत्र, उपयोग किए जाने वाले हथियार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र और उनका परिचय सहित हथियार, बर्तन, टेलीफोन, टाइपराइटर, लालटेन, महात्मा गांधी के बैतूल आगमन से संबंधित चित्र, अंग्रेजों के समय की एफआईआर, पुलिस के महत्वपूर्ण दस्तावेज सहित स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े तथ्य और पुलिस विभाग से जुड़े तथ्य रखे गए हैं। साथ ही पुलिस विभाग में शहीद हुए पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का परिचय सहित चित्र भी म्यूजियम में रखे गए हैं।

स्वतंत्रता आंदोलन में बैतूल का बड़ा योगदान
स्वतंत्रता संग्राम में बैतूल का बड़ा योगदान रहा है। यही कारण है कि यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की संख्या भी ज्यादा रही। इन्हीं में से एक सेनानी है। सरदार बिष्णु सिंह जो सुभाषचंद्र बोस की तरफ गठित फॉरवर्ड ब्लॉक के सदस्य रहे। स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार विष्णु सिंह गोंड ने भारत छोड़ो आंदोलन में 22 अगस्त 1942 को गांधीवादियों के साथ मिलकर थाना रानीपुर भवन पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया था। इसके साथ ही थाने में आग लगा दी थी।

प्रहार के निशान आज भी मौजूद हैं। इस आंदोलन के पश्चात सरदार विष्णु सिंह को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। म्यूजियम में उनका चित्र लगाकर उनका परिचय भी दिया गया है। साथ ही कुल्हाड़ी भी रखी गई है। उनके अलावा कई और भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र और उनका परिचय भी रखा गया है।

पुलिस म्यूजियम में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी बैतूल आए थे। उनके क्षेत्र और जानकारी के साथ बैतूल जिले की संस्कृति से जुड़ी जानकारी भी रखी गई है। इस म्यूजियम के बनने से लोगों को बैतूल के इतिहास के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली उनकी कार्यवाही और उनके हथियारों के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही 100 साल पुराना इतिहास भी जानने को मिलेगा। इसमें जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अंग्रेजों से कैसे लड़ाई की।

बैतूल एसपी सिमाला प्रसाद ने कहा कि रानीपुर थाना का पुराना इतिहास है। जब थाने की नई बिल्डिंग बन गई तो इस नए भवन को लेकर सुझाव दिए गए थे कि इसके इतिहास को संजोकर रखना चाहिए। यहां के लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था। इसी को लेकर म्यूजियम बनाया गया और इस म्यूजियम में स्वतंत्रता संग्राम के समय जो हथियार उपयोग किए गए थे, वह भी रखे गए हैं।
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