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Friday, March 4, 2022

उत्तर प्रदेश: अयोध्या: कौन हैं अयोध्या के बाबा, जो कभी राम मंदिर के लिए ले रहे थे जल समाधि, अब यूक्रेन-रूस युद्ध पर पुतिन-जेलेंस्की को दे रहे ऑर्डर

उत्तर प्रदेश: अयोध्या: कौन हैं अयोध्या के बाबा, जो कभी राम मंदिर के लिए ले रहे थे जल समाधि, अब यूक्रेन-रूस युद्ध पर पुतिन-जेलेंस्की को दे रहे ऑर्डर

अयोध्या: अयोध्या के तपस्‍वी छावनी के जगद्गुरु परमहंस आचार्य महाराज (Jagadguru Paramhans Acharya Maharaj) एक बार फ‍िर चर्चा में हैं। कभी राम मंदिर के लिए जल समाधि लेने का ऐलान करने वाले परमहंस दास इस बार रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की वजह से एक बार फिर चर्चा में हैं। परमहंस दास ने इस बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को फौरन युद्ध बंद करने का फरमान सुनाया है। तो आइए जानते हैं कौन हैं पुतिन-जेलेंस्की को ऑर्डर देने वाले बाबा परमहंस दास...

कौन हैं परमहंस दास?
अयोध्या की तपस्वी छावनी में बतौर उत्तराधिकारी रहने वाले परमहंस दास मूलतः बिहार के रहने वाले हैं। इनका बचपन मध्य प्रदेश के सीधी में बीता क्योंकि इनके माता-पिता यहीं आकर बस गए थे। परमहंस दास पहली बार 2009 में बतौर साधु अयोध्या आए थे। उसके पहले भी परमहंस दास बतौर श्रद्धालु तपस्वी छावनी में आते जाते रहते थे। 2009 में ही परमहंस दास ने महंत नृत्य गोपालदास को अपना गुरु बनाया था।

चिता पर लेटकर चर्चा में आए थे परमहंस दास
परमहंस दास पहली बार 2019 में उस वक्त चर्चा में आ गए थे जब उन्होंने चिता जलाकर उसमें समाधि लेने का ऐलान किया था। दरअसल राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। इसी बीच परमहंस दास ने अंतिम सुनवाई से पहले चिता पर लेट गए थे।

जल समाधि का ऐलान कर बटोरी थीं सुर्खियां
ऐसा पहली बार नहीं है जब परमहंस दास ने इस तरह का बयान द‍िया हो। इससे पहले बीते साल अयोध्या की तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर जलसमाधि लेने का ऐलान क‍िया था। इसके बाद प्रशासन ने उनके आश्रम के बाहर पुलिस फोर्स तैनात कर उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया था।

साल 2012 में जब तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर सर्वेश्वर दास महंत बने तो अयोध्या में परमहंस दास ने उनसे भी दीक्षा ली। इत तरह से परमहंस दास के सर्वेश्वर दास दूसरे गुरु बनें। इसके बाद से परमहंस दास तपस्वी छावनी में रहने लगे।

इससे पहले 12 अक्‍टूबर 2020 को भी महंत परमहंस दास ने भारत को हिंदू राष्‍ट्र घोषित करने को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। बाद में उनका स्‍वास्‍थ्‍य बिगड़ा तो प्रशासन ने उन्‍हें जबरन अनशन से उठाया था। महंत परमहंस दास राम मंदिर निर्माण के लिए भी अनशन कर चुके हैं।

चर्चा में रहने के लिए पहले भी देते रहें है सनसनीखेज बयान
महंत परमहंस दास मीडिया की सुर्खियां में बने रहने के लिए सनसनीखेज बयान देते रहते हैं। कई बार उन्होंने अपनी मांगों को लेकर लंबे समय तक अनशन व अनेक अनुष्ठान भी कर चुके हैं। महंत नृत्य गोपाल दास के खिलाफ बयान देकर भी वे एक बार चर्चा में आए थे। परमहंस दास के इस ऐलान के समर्थन में अयोध्या के बड़े संत ,सत्ता व विपक्षी दलों के कोई नेता भी मौके नहीं पहुंचे।
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