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Friday, July 30, 2021

उत्तर प्रदेश: वाराणसी-कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के घर की बिजली गुल, पंखे गायब... राष्ट्रीय स्मारक का ऐसा है हाल

उत्तर प्रदेश: वाराणसी-कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के घर की बिजली गुल, पंखे गायब... राष्ट्रीय स्मारक का ऐसा है हाल 

अपनी लेखनी से सबके दिलों पर छाप छोड़ने वाले हिंदी के महान साहित्यकार और उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद का पैतृक आवास अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। 2005 में इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया था।

31 जुलाई को मुंशी प्रेमचंद की जयंती है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता ऐसी की उनका आवास जयंती पर अंधेरे में ही रहेगा। पीएम मोदी ने उज्ज्वला योजना के बारे में बोलते हुए मुंशी प्रेमचंद की एक कहानी 'ईदगाह' का जिक्र किया था। उस कहानी के एक छोटे बच्चे के किरदार हामिद का जिक्र किया था, जिसने अपनी मां के लिए मेले से एक चिमटा खरीदा था। ताकि उसकी मां का हाथ रोटी बनाते वक्त जख्मी न हो जाए।

उसी छोटे बच्चे के किरदार से प्रभावित होकर पीएम मोदी ने 'साफ नीयत-सही विकास का मंत्र भी दिया था, लेकिन अफसोस की उनके ही संसदीय क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारी इस मंत्र के खिलाफ कैसा उदासीन रवैया रखते हैं, ये लमही में साफ तौर पर देखा जा रहा है।

मुंशी जी के प्रपौत्र ने बयां की हकीकत
मुंशी प्रेमचंद के प्रपौत्र दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव ने लमही स्थित आवास के बारे में बताया कि अधिकारियों की उदासीनता ने आज इस राष्ट्रीय स्मारक की यह हालत कर दी है। राष्ट्रीय स्मारक की जमीन पर अवैध निर्माण हो रहा है। जिसे गिराने के लिए वीडीए से आदेश भी हो चुका है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं है। एक दौर था, जब 3 दिन तक लमही महोत्सव चलता था।

दुर्गा प्रसाद यादव बताते हैं कि 2016 में लमही को हेरिटेज गांव बनाने की बात कही गई थी, लेकिन हालात ये हैं कि पुस्तैनी घर में बिजली नहीं है। वहीं, लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के आवास की देखभाल करने वाले सुरेश चंद्र दुबे भी बिजली न होने पर काफी व्यथित दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग वाले मीटर ले गए हैं। लोग यहां मुंशी जी के आवास को देखने आते हैं, उनसे प्रेरणा लेते हैं, लेकिन न तो बिजली है और न ही पंखा है। पंखे किताब समेत कई कीमती धरोहर चीजें चोर चोरी कर के ले गए। अधिकारियों को इस ओर गम्भीरता से ध्यान देना चाहिए।

वीडीए उपाध्यक्ष ने कहा- काम कराए गए हैं
मुंशी प्रेमचंद की धरोहर बनाने का काम वीडीए की ओर से हुआ। इस दुर्दशा पर जब वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि निर्माण संबंधी कार्य तो वीडीए देखती है, लेकिन मरम्मत का जिम्मा संस्कृति विभाग का है। वीडीए के प्रयास से वहां कई प्रकार के काम भी कराए गए हैं। वहीं, बिजली कनेक्शन कटने की बात पर संस्कृति विभाग के कोई अधिकारी बयान देने को तैयार नहीं हुए।
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